Hindi
Friday 20th of January 2017
Masoumeen

जो शख्स शहे दी का अज़ादार नही है

क़सीदाजो शख्स शहे दी का अज़ादार नही हैवो जन्नतो कौसर का भी हक़दार नही है।जिसने न किया खाके शिफा पर कभी सजदासच पूछीये वो दीं का वफादार नही है।ये जश्ने विला शाहे शहीदां से है ...

किस नूर की मज्लिस में मिरी जल्वागरी है

किस नूर की मज्लिस में मिरी जल्वागरी हैजिस नूर से पुर-नूर ये नूर-ए-नज़री हैआमद ही में हैरान क़यास-ए-बशरी हैये कौन सी तस्वीर-ए-तजल्ली से भरी हैगो हुस्न का रुत्बा नहीं मज़कूर ...

हज़रत इमाम हसन अस्करी (स) के उपदेश

हज़रत इमाम हसन अस्करी अलैहिस्सलाम: मैं तुम्हें अल्लाह से डरने, धर्म में नैतिकता, सच्चाई के लिए कोशिश करने, जिसने तुम्हे अमानत सौंपी है चाहे वह भला व्यक्ति हो या बुरा, उसकी ...

दिलासा हुसैन है।

मज़लूम के लिये यूँ दिलासा हुसैन है।कटवाके सर जो जीतने वाला हुसैन है। सूखे गले को काट ना पाई सितम की धारबतला रही हैं आयतें जिन्दा हुसैन है। सज्दे को तूल दे दो हबीबे खुदा ...

सुंदरता।

इमाम हसन अस्करी (अ) फ़रमाते हैं कि चेहरे का सुन्दर होना विदित सुन्दरता है और बुद्धि व अच्छी सोच आंतरिक सुन्दरता है”।

पैग़म्बर स.अ. की भविष्यवाणी।

पैग़म्बरे इस्लाम(स) फ़रमाते हैं कि हमारे अनुयाई उस समय तक सुरक्षित रहेंगे जब तक वह अम्र बिलमारूफ और नही अनिलमुन्कर करते रहेंगे और भलाई तथा तक़वा अर्थात ईश्वरीय भय में एक ...

हक़ निभाना मेरे हुसैन का है,

हक़ निभाना मेरे हुसैन का है,दिल ठिकाना मेरे हुसैन का है।  जिसके साये में कायनात है सब,ऐसा नाना मेरे हुसैन का है।  जबसे घर में मेरे सजे है अलम,आना-जाना मेरे हुसैन का ...

सर्वोत्तम काम

हज़रत अली अलैहिस्सलाम: अम्र बिलमारूफ अर्थात अच्छाई का आदेश देना अल्लाह की सृष्टि का सर्वोत्तम काम है”

शहादते इमामे मूसा काज़िम

इमामे हफतुमी मूसीए काज़िम दिलबरे ज़हरावसीए सादिके आले नबी को ज़हर से मारामुकय्यद सत्तरह साल आप ज़िन्दा में रहे पैहममगर शिकवा बजुज़ जिक्रे खुदा लब तक नहीं आयानमाज़े पढ़ता था ...

नौहा

तुरबते बेशीर पर कहती थी माँ असग़र उठोकब तलक तन्हाई में सोओगे ऐ दिलबर उठोहै अंधेरा घर में नज़रों में जहाँ तारीक हैकब तलक पिन्हाँ रहोगे ए महे अनवर उठोहम सबों को कै़द करके ...

पैगम्बर अकरम (स.) का पैमाने बरादरी

पैगम्बर अकरम (स.) के असहाब के एक मशहूर गिरोह ने इस हदीस को पैगम्बर (स.) नक़्ल किया है।“ अख़ा रसूलुल्लाहि (स.) बैना असहाबिहि फ़अख़ा बैना अबिबक्र व उमर व फ़ुलानुन व फ़ुलानुन ...

फातेमा बिन्ते असद का आज दिलबर आ गया

फातेमा बिन्ते असद का आज दिलबर आ गयामोमिनो खुशियॉ मनाओ अपना रहबर आ गया इन्नमा की ले के मोहरे इस्मते परवरदिगारमुत्तलिब का पोता और ज़हरा का शौहर आ गया अज़दहे को चीरने, ...

इमाम अली नक़ी (अ.) की ज़िंदगी पर एक संक्षिप्त नज़र।

इमाम अली नक़ी (अ.) ने इस्लामी अहकाम के प्रसारण व प्रकाशन और जाफ़री मज़हब के प्रचार के लिए महत्वपूर्ण क़दम उठाये। और हमेशा लोगों को धार्मिक तथ्यों से अवगत करने में ...

दुनिया के 3 करोड़ के सबसे बड़े और भव्य जुलूस का पश्चिमी मीडिया द्वारा बाईकॉट।

इराक़ में इमाम हुसैन अ. के चेहलुम के अवसर पर दुनिया के सबसे बड़े और भव्य जुलूस के समाचार के महत्व के बावजूद हमें देखने को मिल रहा है कि पश्चिमी मीडिया चेहलुम से सम्बंधित ...

वहाबियत एक नासूर

इस्लाम दुश्मनों ख़ास कर ब्रिटेन ने इस्लाम को कमजोर करने और मुसलमानों के बीच फूट डालने के लिए जो विभिन्न षड़यंत्र रचे हैं उनमें से एक बहुत ही कारगर षड़यंत्र “इस्लामी ...

करबला..... दरसे इंसानियत

उफ़ुक़ पर मुहर्रम का चाँद नुमुदार होते ही दिल महज़ून व मग़मूम हो जाता है। ज़ेहनों में शोहदा ए करबला की याद ताज़ा हो जाती है और इस याद का इस्तिक़बाल अश्क़ों की नमी से होता है ...

दूसरों को क्षमा करना।

पैग़म्बरे इस्लाम (स): जो दूसरों को क्षमा कर देता है, ईश्वर भी उसे क्षमा कर देता है।

तरक़्क़ी का रहस्य

हज़रत अली (अ): तरक़्की के लिए अपने वतन से दूर जाओ और यात्रा करो, इसलिए की यात्रा में पांच लाभ छिपे हुए हैं, मन की ख़ुशी एवं प्रसन्नता, आजीविका की प्राप्ति, ज्ञान एवं अनुभव की ...

खाना खाने से पहले और बाद में हाथ धोना।

माम जाफ़र सादिक़ फ़रमाते हैं: जो कोई भी खाना खाने से पहले और बाद में हाथ धोता है तो खाने के शूरू और बाद में उसके लिए बरकत होती है और जब तक जीवित रहता है समृद्ध जीवन बिताता है और ...

करबला मे इमाम हुसैन अ.स. का पहला खुतबा

इमाम हुसैन अ.स. अपनी तलवार के सहारे खड़े हुऐ और बा आवाज़े बुलंद फरमायाःमै तुम्हे खुदा का वास्ता देकर पूछता हुँ क्या तुम मुझे पहचानते हो।उन्होने जवाब दियाः आप फरज़ंदे ...