Hindi
Sunday 23rd of April 2017
Articles

हज़रत फातेमा मासूमा (अ.स) की हदीसे

हज़रत फातेमा मासूमा (अ.स) हज़रत इमाम सादिक़ (अ.स) की बेटीयो (फातेमा, ज़ैनब और उम्मेकुलसूम) से नकल करती है और इस हदीस की सनद का सिलसिला हज़रत ज़हरा (स.अ) पर खत्म होता हैः حدثتنی ...

हज़रत इमाम मूसा काज़िम (अ.स.) के इरशाद

१. ग़ाफ़िल तरीन (बेपरवाह) शख़्स वह है जो ज़माने (समय) की गर्दिश और हादसात से इबरत हासिल न करे। २. जो शख़्स बद अख़लाक़ है (गोया) उसने अपने एक दाएमी (सदैव) अज़ाब में मुबतला कर रखा ...

हज़रत इमाम काज़िम का तशकीले हुकूमते इस्लामी का अरमान

तारीख़ी और रिवाई हक़ायक़ इस पर शाहिद हैं कि सरकारे मुरसले आज़म (स) और मौला ए कायनात (अ) की अज़ीमुश शान इलाही व इस्लामी हुकूमत के वुक़ू पज़ीर होने के बाद, इसी तरह इलाही अहकाम व ...

इमाम ज़ैनुल आबेदीन अलैहिस्सलाम का जन्मदिवस।

अहलेबैत न्यूज़ एजेंसी अबना: इमाम अली इब्ने हुसैन अलैहिमुस्सलाम, ज़ैनुल आबेदीन और सज्जाद के नाम से मशहूर हैं और मशहूर रेवायत के अनुसार आपका जन्म वर्ष 38 हिजरी में शाबान के ...

हज़रत अली अलैहिस्सलाम का शुभ जन्म दिवस।

अहलेबैत न्यूज़ एजेंसी अबना: शेख मुफीद ने लिखा है कि अमीरुल मोमिनीन हज़रत अली अलैहिस्सलाम मक्के में मस्जिदुल हराम के अंदर जुमे के दिन 13 रजब को पैदा हुए आपके अलावा न कोई और ...

नहजुल बलाग़ा में हज़रत अली के विचार

हज़रत अली अलैहिस्सलाम समस्त मानवीय सदगुणों में पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहि व आलेही व सल्लम का आइना थे। हज़रत अली अलैहिस्सलाम एसी महान हस्ती थे जिसके बारे में ...

हज़रत अली द्वारा किये गये सुधार

अपने पाँच वर्षीय शासन काल मे विभिन्न युद्धों, विद्रोहों, षड़यन्त्रों, कठिनाईयों व समाज मे फैली विमुख्ताओं का सामना करते हुए हज़रतअली ने तीन क्षेत्रो मे सुधार किये जो ...

इमाम अली की ख़ामोशी

आज हम इस विषय पर चर्चा करेंगे कि जब खि़लाफ़त इमाम अ़ली का हक़ था तो क्यु आपने पैग़म्बर के स्वर्गवास के बाद अपने हक़ को अबूबकर, उस्मान या उमर से लेने की कोशिश नहीं की? इस सवाल के ...

अमीरुल मोमिनीन अ. स.

नाम व उपाधियाँ आपका नाम अली व आपके अलक़ाब अमीरुल मोमेनीन, हैदर, कर्रार, कुल्ले ईमान, सिद्दीक़,फ़ारूक़, अत्यादि हैं। माता पिता आपके पिता हज़रतअबुतालिब पुत्र हज़रत अब्दुल ...

इमाम तक़ी अलैहिस्सलाम की अहादीस

यहां पर अपने प्रियः अध्ययन कर्ताओं के अध्ययन हेतू हज़रत इमाम तक़ी अलैहिस्सलाम के चालीस मार्ग दर्शक कथन प्रस्तुत किये जारहे है।1-मोमिन की तीन अवश्यक्ताऐंहज़रत इमाम तक़ी ...

इमाम मौहम्मद तक़ी (अ.स) के शागिर्द

पैग़म्बरे इस्लाम (स.अ.व.व) की तरह हमारे आइम्मा अलैहिमुस्सलाम भी लोगों की तालीमो तर्बियत मे हमेशा कोशीश करते रहते थे। आइम्मा अलैहिमुस्सलाम का तरीकाऐ तालीम और तरबियत को ...

इमाम तकी अलैहिस्सलाम के मोजेज़ात

(1) इमाम अली रज़ा (अ.स) की शहादत के बाद मुखतलिफ शहरो से 80 ओलामा और दानिशमंद हज करने के लिये मक्का रवाना हुए। वो सफर के दौरान मदीना भी गए , ताकि इमाम मौहम्मद तक़ी (अ.स) की ज़ियारत भी ...

हज़रत इमाम तक़ी अलैहिस्सलाम का जीवन परिचय

नाम व अलक़ब(उपाधियां)हज़रत इमाम तक़ी अलैहिस्सलाम का नाम मुहम्मद व आपकी मुख्य उपाधियाँ तक़ी व जवाद है।जन्म व जन्म स्थानहज़रत इमाम तक़ी अलैहिस्सलाम का जन्म सन् 195 हिजरी ...

इमाम मौ. तक़ी अलैहिस्सलाम का शुभ जन्मदिवस

इमाम मुहम्मद तक़ी अलैहिस्सलाम का जन्म दस रजब सन १९५ हिजरी क़मरी को मदीना नगर में हुआ था। ज्ञान, शालीनता, वाकपटुता तथा अन्य मानवीय गुणों के कारण उनका व्यक्तित्व अन्य लोगों ...

रजब का चाँद के दिखाई देते ही ईरान और भारत सहित विश्व भर में खुशी का माहौल।

स्लामी कैलेंडर में से इबादत के महीने रजब के चाँद के दिखाई देते ही ईरान और भारत सहित विश्व भर में खुशी का माहौल दिखाई देने लगा है और लोग एक दूसरे को इस मुबारक महीने के आने पर ...

इमामे मोहम्मदे बाक़िर अलैहिस्सलाम

रजब के मुबारक महीने की पहली तारिख़ एक बार फिर आ पहुंची है। आज ही के दिन पैग़म्बरे इस्लाम (स) के पौत्र इमाम मोहम्मद बाक़िर अलैहिस्सलाम ने इस संसार में क़दम रखा। उन्होंने ...

इमाम बाक़िर और ईसाई पादरी

एक बार इमाम बाक़िर (अ.स.) ने अमवी बादशाह हश्शाम बिन अब्दुल मलिक के हुक्म पर अनचाहे तौर पर शाम का सफर किया और वहा से वापस लौटते वक्त रास्ते मे एक जगह लोगो को जमा देखा और जब आपने ...

एहसान

एहसान इंसानी समाज में बहुत कॉमन लफ़्ज़ है। एर ग़ैर मुस्लिम भी एहसान को अच्छी तरह जानता है। बस फ़र्क़ यह है कि जो एहसान का लफ़्ज़ हमारे समाज में इस्तेमाल होता है वह क़ुरआन ...

एक हतोत्साहित व्यक्ति

कभी कभी हमारे जीवन में ऐसी घटनाएं घटती हैं कि जो जाने अन्जाने हमारी भावनाओं को उक्साने का कारण बनती हैं। इनमें से एक, कि जिसका सहन करना अत्यन्त कठिन होता है, हतोत्साह नामक ...

कव्वे और लकड़हारे की कहानी।

एक बार की बात है कि एक गांव में एक ग़रीब लकड़हारा रहता था, वह प्रतिदिन जंगल से लकड़ी काट कर लाता और उन्हें बेचकर अपना और अपने परिवार का पेट पालता था। लकड़हारा बहुत गरीब लेकिन ...