Hindi
Thursday 23rd of February 2017
Articles

बच्चों के साथ रसूले ख़ुदा (स.) का बर्ताव

ख़ुदा ने बच्चों की सूरत में अपनी एक बहुत बड़ी नेमत इंसान को अता की है और उन की सही तरबीयत और परवरिश का हुक्म दिया है क्यों कि बच्चे ही किसी क़ौम, समाज और मुल्क का फ़्युचर होते ...

पेंशन

एक नसरानी बूढ़े ने ज़िन्दगी भर मेहनत करके ज़हमतें उठाईं लेकिन ज़ख़ीरे के तौर पर कुछ भी जमा न कर सका, आख़िर में नाबीना भी हो गया। बूढ़ापा, नाबीनाई, और मुफ़लिसी सब एक साथ जमा हो ...

नमाज़ के साथ, साथ कुछ काम ऐसे हैं जो इबादत में शुमार होते हैं"

मुख्तसर तौर पर उन कामों का ज़िक्र करता हूँ। जिन्हें इबादत के खूबसूरत नाम से याद किया गया है, और जिन पर अमल उसी तरह लाज़िम है जिस तरह कि नमाज़ का अदा करना।*झूठ, गीबत,शराब और ...

ग़ीबत

ग़ीबत यानी पीठ पीछे बुराई करना है, ग़ीबत एक ऐसी बुराई है जो इंसान के मन मस्तिष्क को नुक़सान पहुंचाती है और सामाजिक संबंधों के लिए भी ज़हर होती है। पीठ पीछे बुराई करने की ...

ईरान के इंक़ेलाब का मक़सद, इस्लामी पाक व पवित्र ज़िन्दगी की तलाश थी।

रानी पब्लिक ने इस्लामी इन्क़ेलाब की कामयाबी तक हज़रत इमाम ख़ुमैनी रह. के नेतृत्व में जितने प्रयास किये या इन्क़ेलाब की कामयाबी के बाद इस देश नें जितनी मुश्किलों का सामना ...

38वें स्वतन्त्रता दिवस में करोड़ों ईरानियों ने शिरकत करके दिया ट्रम्प को मुंहतोड़ जवाब।

5 हज़ार से अधिक शहरों में करोड़ों ईरानियों ने रैलियों में शिरकत कर धूमधाम से मनाया 38 वां स्वतन्त्रता दिवस। ज्ञात रहे की पहलवी राजशाही के खिलाफ 10 फरवरी 1979 में ईरानी इस्लामी ...

हज़रत फ़ातेमा ज़हरा स. का संक्षिप्त जीवन परिचय।

जनाबे फ़ातिमा ज़हरा स. की श्रेष्ठता दिल और आत्मा को इस तरह अपनी तरफ़ खींचती है कि इन्सान की ज़बान बंद हो जाती है। जो भी उनकी श्रेष्ठता और ख़ुदा और उसके रसूल की नज़र में उनके ...

जनाबे फ़ातिमा ज़हरा स. विलायत के आसमान का एक तारा।

क़ुरआने मजीद सूरए नहल की आयत 16 में फ़रमाता है: ’’وَ بِالنَّجمِ ھُم یَھتَدونَ‘‘बुद्धिमान वह हैं जो आसमान के तारों की सहायता से अपने रास्ते ढ़ूढ़ँते हैं और मंज़िल तक पहुँच ...

हज़रत फ़ातेमा ज़हरा स. बेहतरीन आदर्श

हज़रत फ़ातिमा ज़हरा स. की फ़ज़ीलत व मरतबे को बयान करना इन्सान के बस में नहीं है। अगर कोई उनके मरतबे को देखना चाहता है तो उसे देखना चाहिए कि ख़ुदा और उसके रसूल की नज़र में आपका ...

हज़रत फ़ातेमा ज़हरा स. का संक्षिप्त जीवन परिचय।

जनाबे फ़ातिमा ज़हरा स. की श्रेष्ठता दिल और आत्मा को इस तरह अपनी तरफ़ खींचती है कि इन्सान की ज़बान बंद हो जाती है। जो भी उनकी श्रेष्ठता और ख़ुदा और उसके रसूल की नज़र में उनके ...

जनाबे फ़ातिमा ज़हरा स. विलायत के आसमान का एक तारा।

क़ुरआने मजीद सूरए नहल की आयत 16 में फ़रमाता है: ’’وَ بِالنَّجمِ ھُم یَھتَدونَ‘‘बुद्धिमान वह हैं जो आसमान के तारों की सहायता से अपने रास्ते ढ़ूढ़ँते हैं और मंज़िल तक पहुँच ...

हज़रत फ़ातिमा सलामुल्लाह अलैहा की इबादत

ज़रत फ़ातिमा सलामुल्लाह अलैहा रात्री के एक पूरे चरण मे इबादत मे लीन रहती थीं। वह खड़े होकर इतनी नमाज़ें पढ़ती थीं कि उनके पैरों पर सूजन आ जाती थी। सन् 110 हिजरी मे मृत्यु ...

सुन्नियों की पुस्तकें और फ़ातेमा ज़हरा (स) की महानता

रसूले की इकलौती बेटी और इमामत एवं रिसालत को मिलाने वाली कड़ी, वह महान महिला जिसकों सारी दुनियां की औरतों का सरदार कहा गया, रसूल जिसका इतना सम्मान करते थे कि आपने उनकी ...

हज़रत फ़ातिमा ज़हरा सलामुल्लाह अलैहा का जीवन परिचय

नाम व अलक़ाब (उपाधियां)आप का नाम फ़ातिमा व आपकी उपाधियां ज़हरा ,सिद्दीक़ा, ताहिरा, ज़ाकिरा, राज़िया, मरज़िया,मुहद्देसा व बतूल हैं।माता पिताहज़रत फ़ातिमा सलामुल्लाह अलैहा ...

जनाबे फ़ातेमा ज़हरा के दफ़्न के मौक़े पर इमाम अली का खुत्बा

इमाम अली ने ये कलेमात सैय्यदतुन निसाइल आलमीन फ़ातेमा ज़हरा (स0) के दफ़्न के मौक़े पर पैग़म्बरे इस्लाम (स0) से राज़दाराना गुफ़्तगू के अन्दाज़ मे कहे  थे। सलाम हो आप पर ऐ ख़ुदा के ...

हज़रत फ़ातिमा ज़हरा(स.) की अहादीस

यहां पर हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (स.) की वह अहादीस (प्रवचन) जो एक इश्वरवाद, धर्मज्ञान व लज्जा आदि के संदेशो पर आधारित हैं उनमे से मात्र चालिस कथनो का चुनाव करके अपने प्रियः अध्ययन ...

फ़िदक और हज़रत फ़ातेमा ज़हरा

हमारे पाठकों ने हमसे हज़रत फ़ातेमा ज़हरा (स) और फ़िदक के बारे बहुत से प्रश्न किए हैं जैसे कि फ़िदक का वास्तविक्ता क्या है? और क्या फ़िदक के बारे में सुन्नियों की किताबों में ...

फ़िदक और हज़रत फ़ातेमा ज़हरा

हमारे पाठकों ने हमसे हज़रत फ़ातेमा ज़हरा (स) और फ़िदक के बारे बहुत से प्रश्न किए हैं जैसे कि फ़िदक का वास्तविक्ता क्या है? और क्या फ़िदक के बारे में सुन्नियों की किताबों में ...

हज़रत फ़ातेमा की शहादत

कृपालु मां हज़रत फ़ातेमा ज़हरा सलामुल्लाह अलैहा की शहादत का दिन है। हालांकि इस महान हस्ती ने इस नश्वर संसार में बहुत कम समय बिताया किन्तु उनका अस्तित्व इस्लाम और ...

ख़ड़ा डिनर है ग़रीबुद्दयार खाते हैं

बचपन में बारहा देखा है कि अगर फ़क़ीर दरवाज़े पर आजाता तो खाने का सवाल करना न भूलता और घर वाले भी फ़राख़ दिली से फ़क़ीर के लिए खाना भेज देते, वह बेचारा इतना भूका होता कि दिया ...