Hindi
Friday 20th of January 2017
Articles

दुआए तवस्सुल

हिमायत / शिफ़ा'अत मांगनाशेख़ अबू जाफर  तुसी अपनी किताब मिस्बाह में फरमाते हैं  की इमाम हसन-बिन-अल-अस्करी (अ:स) ने यह दुआ अबू मुहम्मद के आग्रह पर उस समय लिखी जब उन्हों ने ...

हदीसे किसा

बिसमिल्ला हिर रहमानिर रहीमअन फ़ा'तिमा'तज़ ज़हरा ( अलय्हस-सलाम ) बिनती रसूलिल-लाही सल-लाल-लाहो अलैहे वसल्लम क़ालत : दख़'अला अलैय-या अबी रसूलुल-लाही ( स' ) फ़ी बा'-ज़िल अय-यामी ...

हज़रत ज़ैनब

असर दुआ को मिला है जनाबे ज़ैनब सेबहुत क़रीब ख़ुदा है जनाबे ज़ैनब से अली की बेटी ने कलमे की आबरू रख लीसदाए सल्ले अला है जनाबे ज़ैनब से ज़माना लाख बुझाए बुझ नहीं ...

क़ुरआन और अदब

क़ुरआन रब की ख़ास इनायत का नाम है।क़ुरआन नज़मो ज़बते शरीयत का नाम है।क़ुरआन एक ज़िंदा हक़ीक़त का नाम है।क़ुरआन ज़िंदगी की ज़रूरत का नाम है।क़ुरआन एक किताबे इलाही जहाँ ...

अभी के अभी......

अभी के अभी हुसैन दे दे जो रन की रज़ा अभी के अभी.......यज़ीद कर दूँ तेरा फेँसला अभी के अभी......  अली का शेर हूँ, अब्बास नाम है मेराचलेगी साथ मेरे अल्कमा अभी के अभी......  तपिश ...

मदहे हज़रते अब्बास मे

कसीदाशाद हैं शब्बरो शब्बीर दिलावर पा करचूमती हैं लबो रुखसार बहन भी आ कर। या अली आपके जैसा है जो फिज़्ज़ा ने कहासजदाऐ रब के लिऐ बैठ गऐ घुटनो पर। बाँटो अम्मार मिठाई वा ...

नमाज.की अज़मत

कभी मीसम कभी बूजर ने पढी हे ये नमाज.हर एक हाल मे कंमबर ने पढी हे ये नमाज. तू बहाना ना बना वक़त की मजबूरी कl,नोके नेज़ा पे भी सरवर ने पढी हे ये नमाज. छोड देता हे फ़क़त आरज़ी ...

हज़रत मासूमा स. का एक संक्षिप्त परिचय।

अहलेबैत न्यूज़ एजेंसी अबना: हज़रत मासूमा स. (अ) शियों के सातवें इमाम मूसा काज़िम (अ) की बेटी हैं, उनकी माँ हज़रत नजमा ख़ातून हैं, हज़रत मासूमा स. (अ) पहली ज़ीकाद 173 हिजरी में मदीना ...

हज़रत फ़ातेमा मासूमा(अ)की शहादत

वे एक ऐसी महान हस्ती थीं जिन्होंने इतिहास के एक कालखंड में अपने ऐतिहासिक पलायन से मुसलमानों के लिए एक बहुत बड़े गौरव का मार्ग प्रशस्त किया। ये हस्ती इमाम मूसा काज़िम ...

हज़रत फातिमा मासूमा (अ)

हज़रत मासूमा का पहली जिल्क़ादा साल 173 हिजरी मे मदीने मे जन्म हुआ.कुरान समाचार (iqna)  इस्फहान शाखा के मुताबिक़ मासूमा ने 1 ज़िल्कादा साल 173 हिजरी मदीने मे आँख खोली,और 10 ...

हज़रत मासूमा

सर्वसमर्थ व महान ईश्वर से निकट होने का एक मार्ग पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहि व आलेहि व सल्लम और उनके पवित्र परिजनों से प्रेम है। पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहि व ...

हज़रत इमाम हसन असकरी (अ.स.) के इरशाद

१. मुसलमान वह शख़्स है जिसकी ज़बान और जिसके हाथों से मुसलमान महफ़ूज़ (सुरक्षित) रहें।२. हर रंज व ग़म और ख़ुशी व मसर्रत की इन्तेहा (हद) है सिवाय जहन्नमियों के रंज व ग़म की जिसकी ...

इमाम हसन असकरी अलैहिस्सलाम की जीवनशैली

पैग़म्बरे इस्लाम और उनके परिजन सत्य व मार्गदर्शन के नमूने हैं यही कारण हैं कि पैग़म्बरे इस्लाम ने कहा था कि मैं तुम्हारे बीच दो मूल्यवान यादगारें छोड़े जा रहा हूं एक है ...

हज़रत इमाम महदी अलैहिस्सलाम का परिचय

हज़रत इमाम महदी अलैहिस्सलाम का परिचयनाम व अलक़ाबहज़रत इमाम महदी अलैहिस्सलाम का नाम हज़रत पैगम्बर(स.) के नाम पर है। तथा आपकी मुख्य़ उपाधियाँ महदी मऊद, इमामे अस्र, ...

इस्लाम का मक़सद अल्लामा इक़बाल के कलम से

इक फ़क़्र सिखाता है सय्याद को नख़्चीरीइक फ़क़्र से खुलते हैं असरार-ए-जहाँगीरीइक फ़क़्र से क़ौमों में मिस्कीनी-ओ-दिलगीरीइक फ़क़्र से मिटटी में खासीयत-ए-अक्सीरीइक फ़क़्र है शब्बीरी इस ...

इस्लाम की अज़मत

इस्लाम की अज़मत का मिनारा हुसैन है।हर क़ौम कह रही है हमारा हुसैन है। दरीया भी है ह़ुसैन कनारा ह़ुसैन हैहर दम रवाँ रहे जो वो धारा ह़ुसैन है। बी फातेमा की आँख का तारा ...

ताजे लताफत हैं फातेमा

इंसानियत का ताजे लताफत हैं फातेमाबादे रसूल आयऐ रहमत हैं फातेमादुनिया मे राज़दारे मशीयत है फातेमाएक गोशा ए हिजाबे नबूवत है फातेमासिनफे निसा को इल्म की आवाज़ मिल गई।इन के ...

नमाज़

करीब होने का ख़ालिक़ से रास्ता है नमाज़,फ़ुरुए दीन की जिससे है इब्तेदा है नमाज़,ख़ुदा की जिसमें है तस्वीर आईना है नमाज़,जो काम आयेगी महशर में वो दुआ है नमाज़।।फ़ज़ीलतों पे फ़ज़ीलत नसीब ...

हज़रत अली . की नसीहत।

हज़रत अली अलैहिस्सलाम: दुनिया के दिन, दो दिन हैं एक तुम्हारे हित में और दूसरा तुम्हारे अहित में, तो अगर वह तुम्हारे फ़ायदे में हो तो उदंडता न करो और अगर तुम्हारे नुकसान में ...

इस्लाम का आधार किन चीज़ों पर है?

بنی  الاسلام علی خمس : الصلوة و الزکوة و الصوم و الحج و الولایة
इमाम बाक़िर अ. फ़रमाते हैंः इस्लाम का आधार पाँच चीजों पर रखा गया है: नमाज़, ज़कात, रोज़ा, हज और विलायत।