Hindi
Monday 23rd of October 2017
code: 80702
शहादते इमामे मूसा काज़िम



इमामे हफतुमी मूसीए काज़िम दिलबरे ज़हरा
वसीए सादिके आले नबी को ज़हर से मारा


मुकय्यद सत्तरह साल आप ज़िन्दा में रहे पैहम
मगर शिकवा बजुज़ जिक्रे खुदा लब तक नहीं आया


नमाज़े पढ़ता था वक़्ते फज़ीलत रोज़ादार उठकर
फ़रागत पाते ही करता था फिर माबूद का सजदा


सुना यूँ शह को कहते बारहा दरबारे ज़िन्दां ने
के ख्वाहिश थी दिया तूने मुझे ताअत को घर तन्हा


थे एक दिन मुबतिलाए दर्द मौला यह ख़बर सुनकर
तबीबे ख़ास को हारुन रशीदे नहस ने भेजा


यह फहमाएश हकीमे रू सियाह से की थी ताकीदन
दवा में इब्ने फ़रज़न्दे नबी को ज़हर दे देना।

user comment
 

latest article

  पाक मन
  सबसे अच्छा भाई
  जनाबे उम्मे कुलसूम बिन्ते इमाम अली (अ.स)
  हज़रत अली अकबर अलैहिस्सलाम
  हज़रत फ़ातेमा ज़हरा (स) के फ़ज़ायल
  इमाम बाक़िर अ.स. अहले सुन्नत की निगाह में
  इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम के ज़माने के ...
  शहादते इमाम अली रज़ा अलैहिस्सलाम
  इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम की शहादत
  इमामे रज़ा अलैहिस्सलाम