Hindi
Wednesday 26th of April 2017
code: 80678
फातेमा बिन्ते असद का आज दिलबर आ गया



फातेमा बिन्ते असद का आज दिलबर आ गया
मोमिनो खुशियॉ मनाओ अपना रहबर आ गया

 

इन्नमा की ले के मोहरे इस्मते परवरदिगार
मुत्तलिब का पोता और ज़हरा का शौहर आ गया

 

अज़दहे को चीरने, खैबर के दर को तोड़ने
खाना ए रब्बे जली मे आज हैदर आ गया

 

साहबे नहजुल बलाग़ा, वारीसे इल्मे नबी
इल्म के दर खोलने देखो सुख़नवर आ गया

 

खाना ए काबा पूछा, बोल तू क्यू खुश हुआ
बोला काबा आज शेरे रब्बे अकबर आ गया

 

अम्र इब्ने अब्देवुद मैदान से रूख़ मोड़ ले
कुल्ले ईमॉ की सनद लेकर दिलावर आ गया

 

जंग का पासा पलट जाता था सुन कर बात
लोग जब कहते थे आक़ाए अबुज़र आ गया

 

हैं बहुत मसरूर सुन कर ये खबर हुरो मलक
तोड़ने लातो हुबल नफ्से पयम्बर आ गया

 

क़ुरआ अन्दाज़ी हुई जन्नत मे जाने के लिए
खुश नसीबी देखीये मीसम का नंबर आ गया

user comment
 

latest article

  रमजान का महत्व।
  अली के शियों की विशेषता।
  अमीरुल मोमिनीन अली अलैहिस्सलाम का जीवन ...
  इमाम बाक़िर अलैहिस्सलाम की अहादीस
  हज़रत फ़ातेमा ज़हरा स. बेहतरीन आदर्श
  हज़रत फ़ातिमा ज़हरा स. की कुछ हदीसें।
  हज़रत अली (अ.स.) की नज़र में हज़रते ज़हरा
  हज़रत फ़ातेमा ज़हरा स. बेहतरीन आदर्श
  जो शख्स शहे दी का अज़ादार नही है
  किस नूर की मज्लिस में मिरी जल्वागरी है