Hindi
Friday 20th of January 2017
code: 80523
मुस्लिम छात्रा ने परीक्षा पर हिजाब को प्राथमिकता दी

एक मुस्लिम छात्रा ने धार्मिक मूल्यों की ख़ातिर अपने करियर के लिए संभवतः सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होने वाले मेडिकल टेस्ट की बलि चढ़ा दी।
लखनउ की इस मुस्लिम छात्रा को शनिवार को जब हेजाब के साथ ए आई पी एम टी के इम्तेहान में भाग लेने से रोका गया तो उन्होंने धार्मिक मूल्यों को अहमियत देते हुए, इस टेस्ट में भाग न लेने का फ़ैसला किया। लेकिन उन्होंने साथ ही विश्वास जताया कि वह दूसरे मेडिकल टेस्ट और मेहनत के ज़रिए मेडिकल क्षेत्र में अपना करियर बनाएंगी। उन्होंने कहा, “मैं पहली बार ए आई पी एम टी टेस्ट में हिस्सा लेने जा रही थी। उत्तर प्रदेश की तरफ़ से में भाग लेने और एक साल बर्बाद होने पर मुझे अफ़सोस नहीं है। अगर इस रोक का लक्ष्य मेरे पहनावे और सोच पर पहरा लगाना है तो मुझे यह क़दम उठाने पर कोई अफ़सोस नहीं है।”
ज्ञात रहे शुक्रवार को भारत के सुप्रीम कोर्ट ने एआईपीएमटी के कोर्स के दौरान लंबी आस्तीन वाले कपड़े और हेजाब पर पाबंदी को बरक़रार रखा।
लखनउ के शीश महल की छात्रा रेहाना (बदला हुआ नाम) बचपन से हेजाब करती हैं।
इससे पहले वह ए आई पी एम टी के 3 मई को हुए टेस्ट में पूरे हेजाब के साथ शामिल हुयी थीं लेकिन ए आई पी एम टी के फिर से टेस्ट के मौक़े पर ड्रेस कोड को लेकर हालिया विवाद के कारण वह शुक्रवार देर रात तक परेशान थीं। वह कहती हैं, “जब मैंने सुबह अख़बार में सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बारे में पढ़ा तो मेरे पास इम्तेहान छोड़ने के अलावा कोई रास्ता नहीं था।”


source : abna24
user comment
 

latest article

  जर्मनी की 25 वर्षीय महिला ने इमाम रज़ा अ. के ...
  भारत और पाकिस्तान में ईदे मीलादुन्नबी के ...
  मुस्लिम छात्रा ने परीक्षा पर हिजाब को ...
  शैख़ ज़कज़की की रिहाई की मांग को लेकर ...
  इल्म हासिल करना सबसे बड़ी इबादत है।
  ইসলাম আমার জীবনকে পুরোপুরি বদলে দিয়েছে: ...
  अमेरिकी पुलिस के नस्लवादी रवैये के ...
  सऊदी अरब ने शहीद आयतुल्लाह निम्र के ...
  इल्म
  ज़ायोनी सैनिकों ने मस्जिदुल अक़सा के ...